18.12.07
एटम बॉम्ब और पांथिक विश्वास
April 18, 2007 12:58:00 PM
Tags: एटम बॉम्ब और पांथिक विश्वास
अभी अखबार में पढा् कि ईरान के एटम बॉम्ब बनाने की खबरों के कारण सुन्नी मुस्लिम देशों में बडी् उत्तेजना है, सभी अब यह चाहते हैं कि पाकिस्तान सुन्नी मुस्लिम देशों का नेतृत्व करते हुए अपने यहाँ परमाणु बॉम्ब की तैनाती करे। सउदी अरब ने भी इसी प्रकार के प्रयास प्रारम्भ कर दिये हैं।
सवाल उठता है कि हम किस दुनिया में रह रहे हैं। क्या हम यह समझते भी हैं कि उत्तेजना के क्षणों में हम जो बात कह रहे हैं उसे हम बाद में संभाल भी पाएँगे या नहीं। क्या हमारी अंतर्राष्ट्रीय राजनीति भी क्या अब पांथिक विश्वासों पर ही चलेगी। क्या उन देशों की जनता की आन्तरिक इच्छा भी यही है। हम शिया, सुन्नी, कैथोलिक-प्रोटेस्टेण्ट आदि आदि से हम क्या हासिल करना चाहते हैं। क्या शासन के जनता के प्रति शेष सारे कर्तव्यों की इति हो चुकी है, जो अब वह इस तरह 'टाइम पास' करने के तरीके खोज रहा है।
मनबहलाव व जनता के पांथिक अहम की तुष्टि (जिसे आजकल धार्मिकता के अर्थों में हम प्रयोग करते हैं) को बन्द करना ही चाहिए। तुष्टीकरण एवम् मूर्खता के युग को अब समाप्त होना ही चाहिए।
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